6. निम्नलिखित में से अग्र स्वर नहीं है?
(A) अ
(B) इ
(C) ए
(D) ऐ
[expand title=”View Answer”]A जिन स्वरों के उच्चारण में जिह्वा का आगे का भाग सक्रिय रहता है, उन्हें ‘अग्र स्वर’ कहते हैं। जैसे– अ, इ, ई, ए, ऐ। [/expand]
7. हिन्दी में स्वरों के कितने प्रकार है?
(A) 1
(B) 2
(C) 3
(D) 4
[expand title=”View Answer”]Answer:- C
Explanation:- जिन स्वरों के उच्चारण में जिह्वा का आगे का भाग सक्रिय रहता है, उन्हें ‘अग्र स्वर’ कहते हैं। जैसे– अ, इ, ई, ए, ऐ। जिन स्वरों का उच्चारण में जिह्वा का अगले भाग प्रयोग होता है उसे अग्र स्वर कहते हैं जैसे: ई, इ, ए, ऐ (4). आपको साफ-साफ बताना चाहता हूं कि हिंदी वर्णमाला में अग्र स्वर का कुल संख्या 4 होता है. ई, इ, ए, ऐ. स्वर के कुल कितने प्रकार हैं जानिए – ह्रस्व, दीर्घ, प्लुत स्वर, मध्य, पश्च स्वर, मूल एवं संधि
Key Points
वर्ण | ||
वह सबसे छोटी ध्वनि जिसके और टुकड़े नहीं किए जा सकते, वर्ण कहलाती है।जैसे- अ, ई, व, च, क, ख् इत्यादि। | ||
हिंदी भाषा में वर्ण दो प्रकार के होते है- (1)स्वर (vowel) (2) व्यंजन (Consonant) | ||
(1)स्वर (vowel) | वे वर्ण जिनके उच्चारण में किसी अन्य वर्ण की सहायता की आवश्यकता नहीं होती, स्वर कहलाता है। | हिंदी वर्णमाला में 16 स्वर है जैसे- अ आ इ ई उ ऊ ए ऐ ओ औ अं अः ऋ ॠ ऌ ॡ। |
(2) व्यंजन (Consonant) | जिन वर्णो को बोलने के लिए स्वर की सहायता लेनी पड़ती है उन्हें व्यंजन कहते है। | क् से ह् तक हिन्दी वर्णमाला में कुल 33 व्यंजन हैं।जैसे- क, ख, ग, च, छ, त, थ, द, भ, म इत्यादि। |
Additional Information
स्वर के भेद | ||
स्वर के दो भेद होते है- (i) मूल स्वर (ii) संयुक्त स्वर | ||
मूल स्वर के तीन भेद होते है- (i) ह्स्व स्वर (ii) दीर्घ स्वर (iii)प्लुत स्वर | ||
ह्रस्व स्वर | जिन स्वरों के उच्चारण में कम समय लगता है उन्हें ह्स्व स्वर कहते है। | ह्स्व स्वर चार होते है- अ आ उ ऋ। |
दीर्घ स्वर | वे स्वर जिनके उच्चारण में ह्रस्व स्वर से दोगुना समय लगता है, वे दीर्घ स्वर कहलाते हैं। | दीर्घ स्वर सात होते है- आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ। |
प्लुत स्वर | जिस स्वर के उच्चारण में तिगुना समय लगे, उसे ‘प्लुत’ कहते हैं।इसका चिह्न (ऽ) है। इसका प्रयोग अकसर पुकारते समय किया जाता है। | जैसे- सुनोऽऽ, राऽऽम, ओऽऽम्। |
[/expand]
8. हिन्दी वर्णमाला में ‘अं’ और ‘अ:’ क्या है?
(A) स्वर
(B) व्यंजन
(C) अयोगवाह
(D) संयुक्ताक्षर
[expand title=”View Answer”]Answer:-CExplanation:-
अं और अः को ‘अयोगवाह‘ कहते हैं।
‘अं’ और ‘अः’ अयोगवाह वर्ण हैं। अयोगवाह वर्ण वे वर्ण होते हैं, जिनमें स्वर एवं व्यंजन के दोनों गुण पाए जाते हैं। अयोगवाह में स्वर एवं व्यंजन दोनों के गुण पाए जाते हैं, क्योंकि ये अनुस्वार एवं विसर्ग दोनों होते हैं। हिंदी वर्णमाला में दो अयोगवाह होते हैं।
Key Points :- By Study-Knight

Additional Information :-
अयोगवाह कितने होते हैं?
हिंदी वर्णमाला में अनुस्वार(अं) एवं विसर्ग(अ:) अयोगवाह वर्ण होते हैं। अं एवं अ: अयोगवाह होते हैं। हिंदी में अयोगवाह की संख्या 2 होती है।01
अयोगवाह की परिभाषा
पुं0 [सं0 अयोग, न0 ब0√वह्+निच्+अछ्] स्वरों और मसालों के बीच के वर्ण- अनुस्वार, विसर्ग, उपधमानीय तथा जिह्वामूलीय की[/expand]
9. जिनके उच्चारण में दीर्घ स्वर से भी अधिक समय लगता है, वे कहलाते है?
(A) मूल स्वर
(B) प्लुत स्वर
(C) संयुक्त स्वर
(D) अयोगवाह
[expand title=”View Answer”]B[/expand]
10. निम्नलिखित में से कौन स्वर नहीं हैं?
(A) अ
(B) उ
(C) ए
(D) ञ
[expand title=”View Answer”]D[/expand]